आत्मनिधि आरोग्यम क्लिनिक – आधिकारिक परिचय
वैद्य परिचय
डॉ. अभिषेक सैनी (BAMS) सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। इन्होंने अपनी आयुर्वेदिक शिक्षा VYDS Ayurvedic Medical College, खुर्जा (जनपद बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश) से पूर्ण की है। पिछले 10 से अधिक वर्षों से डॉ. सैनी आयुर्वेदिक एवं आवश्यकतानुसार आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से रोगियों का सफल उपचार कर रहे हैं।
आत्मनिधि आरोग्यम क्लिनिक में रोग के मूल कारण को समझकर उपचार करने की परंपरा है। यहाँ तीव्र (Acute) तथा दीर्घकालिक (Chronic) रोगों का समग्र दृष्टिकोण से उपचार किया जाता है।
आयुर्वेद का सिद्धांत
आयुर्वेद का मुख्य उद्देश्य केवल रोग का नाश करना नहीं बल्कि शरीर के दोष, धातु और मल की सम्यक स्थिति को बनाए रखना है।
चरक संहिता का प्रसिद्ध श्लोक:
हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।
मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते॥
अर्थ: जो शास्त्र आयु के हित-अहित, सुख-दुःख और जीवन के नियमों का वर्णन करता है उसे आयुर्वेद कहा जाता है।
हमारी चिकित्सा पद्धति
आत्मनिधि आरोग्यम क्लिनिक में आयुर्वेदिक औषधियों के साथ-साथ आवश्यकता अनुसार आधुनिक चिकित्सा (Allopathy) का भी समन्वित उपयोग किया जाता है जिससे रोगी को शीघ्र तथा स्थायी लाभ प्राप्त हो सके।
उपचार क्षेत्र
निम्नलिखित समस्याओं का आयुर्वेदिक व समन्वित दृष्टिकोण से उपचार।
त्वचा रोग (Skin Diseases)
त्वचा रोग शरीर के आंतरिक दोषों के असंतुलन के कारण उत्पन्न होते हैं। आयुर्वेद में त्वचा रोगों को ‘कुष्ठ रोग’ की श्रेणी में वर्णित किया गया है।
- मुहाँसे (Acne)
- एक्जिमा (Eczema)
- सोरायसिस (Psoriasis)
- फंगल संक्रमण (Fungal Infection)
- सेबोरहिक डर्मेटाइटिस
- एलर्जी से होने वाले त्वचा रोग
- पुराने एवं जटिल त्वचा रोग
संधिवात एवं गठिया रोग (Arthritis)
गठिया रोग में जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न होती है। आयुर्वेद में इसे मुख्य रूप से वात दोष के विकार के रूप में वर्णित किया गया है।
- ऑस्टियोआर्थराइटिस
- रूमेटॉइड आर्थराइटिस
- गाउट (वातरक्त)
- सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस
- कमर दर्द एवं जोड़ों की सूजन
वाताद् भवति संधीनां शूलं स्तम्भश्च जायते।
सुश्रुत संहिता
मधुमेह (Diabetes)
आयुर्वेद में मधुमेह को प्रमेह रोग की श्रेणी में रखा गया है और इसमें लगभग 20 प्रकार के प्रमेह का वर्णन मिलता है।
हमारे क्लिनिक में मधुमेह के उपचार के लिए आयुर्वेदिक औषधियाँ, आहार-विहार सुधार तथा आवश्यकतानुसार आधुनिक चिकित्सा का सहारा लिया जाता है।
ज्वर रोग (Fever)
आयुर्वेद में ज्वर को प्रमुख रोगों में माना गया है। विभिन्न प्रकार के ज्वर का उपचार यहाँ आयुर्वेदिक तथा एलोपैथिक औषधियों द्वारा किया जाता है।
- टाइफाइड
- मलेरिया
- डेंगू
- वायरल फीवर
- मौसमी बुखार
गुप्त रोग (Venereal Diseases)
हमारे क्लिनिक में पुरुष स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का गोपनीय एवं वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाता है।
- यौन दुर्बलता
- शीघ्रपतन (Sex Timing Problem)
- वीर्य कमजोरी
- अन्य गुप्त रोग
फेफड़ों के रोग (Lung Diseases)
श्वसन तंत्र से संबंधित विभिन्न रोगों का उपचार आयुर्वेदिक तथा आधुनिक चिकित्सा पद्धति से किया जाता है।
- अस्थमा
- पुरानी खाँसी
- ब्रोंकाइटिस
- एलर्जिक श्वसन रोग
- सांस लेने में तकलीफ
हमारा उद्देश्य
आत्मनिधि आरोग्यम क्लिनिक का उद्देश्य प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से रोगियों को सुरक्षित, प्रभावी और स्थायी उपचार प्रदान करना है।
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